• May 14, 2021 4:45 pm

कोरोना काल में मनोवैज्ञानिक तरीके से करें समस्याओं का समाधान: डाॅ0 प्रकाश दरोच

कोरोना काल में मनोवैज्ञानिक तरीके से करें समस्याओं का समाधान: डाॅ0 प्रकाश दरोच

बिलासपुर:दीपक शर्मा/मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ0 प्रकाश दरोच ने बताया कि कोविड-19 के मरीज ज्यादा बढने की बजह से आम जनता को मानसिक समस्याएं झेलनी पड़ रही है। मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ बनाए रखने के लिए वर्तमान समय में दिए गए सुझावों को अपनाए ताकि सभी अपने आप को स्वस्थ रख सकें।

उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थिति में लोगों का पूरा माहौल बदल जाता है जैसे स्कूल नहीं जाना है, बाहर नहीं जाना है रिस्तेदारी में नहीं जाना है और दिन भर कोरोना वायरस की ही खबरें देखना इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पडना स्वाभाविक है लोगों को परेशान करने वाली 3 बजहें हैं एक तो कोरोना वायरस से सक्रमित होने का डर, दूसरा नौकरी और कारोवार को लेकर अनिश्चितता और तीसरा लाॅकडउन होने का डर। ऐसी स्थिति में स्ट्रेस बढना लाजमी है।

स्ट्रेस बढनें का असरः-

सामान्य स्ट्रेस तो हमारे लिए अच्छा है इससे आगे बढने के लिए प्रोत्साहन मिलता है लेकिन ज्यादा स्ट्रेस, डिस्ट्रेस बन जाता है यह तब होता है जब हमें कोई रास्ता नहीं दिखता, घवराहट होती है, उर्जाहीन महसूस होता है बीमारी की बजह से तनाव में है। तनाव का असर शरीर दिमाग, भावनाओं और ब्यवहार पर पडता है हर किसी पर अलग-2 असर होता है।

शरीर पर असरः-

बार-2 सिरदर्द, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना, थकान, ब्लड प्रैसर में उतार चढाव।

भावनात्मक असरः-

चिन्ता, गुस्सा, डर, चिडचिउापन, उदासी और उलझन हो सकती है।

दिमाग पर असरः-

बार-2 बुरे ख्याल आना, जैसे मेरे काम धंदे का क्या होगा, परिवार कैसा चलेगा, मुझे कोरोना वायरस हो गया तो क्या करेगें, गलत और सही समझ ना आना, ध्यान नहीं लगा पाना।

व्यवहार पर असरः-

ऐसे लोग जो शराब, तंबाकू, सिगरेट का सेवन ज्यादा करने लगते हैं कोई ज्यादा टीवी देखने लगता है, कोई चिखने चिलाने लगता है तो कोई चुपी साध लेता है।

कैसे दूर होगा स्ट्रेसः-

खुद को मानसिक रुप से मजबूत करना जरुरी है आपको ध्यान रखना है कि सब कुछ फिर से ठीक होगा और पूरी दूनिया इस कोशिश में जुटी हुई है, चरणबध तरीके से कोरोना टीके लग रहें है बस धैर्य के साथ इंतजार करें अच्छें दिन जल्दी ही आ जाएंगे।अपने रिस्तों को मजबूत करें छोटी-छोटी बातों का बुरा न माने, एक दूसरे से बात करें और सदस्यों का ख्याल रखें निगेटिव बातों पर चर्चा कम करें।

कोरोना से जुडी ज्यादा खबरें ना देखें और ना ही सुने, आपको जितनी जानकारी चाहिए आप पहले से ही जान चुके हैं। कहीं से भी ज्यादा जानकारी एकत्र करने का प्रयास छोडें क्योंकि ये आपकी मानसिक स्थिति को और ज्यादा कमजोर करेगा।
अपनी दिनचर्या को बनाए रखें, रससे हमें एक उदेश्य मिलता है और सामान्य महसूस होता है हमेशा की तरह समय पर सोना, जागना, खाना पीना और व्यायाम करें।

एक महत्वपूर्ण तरीका यह भी है कि इस समय का इस्तेमाल अपनी हाॅवी पूरा करने में करें जो घर में रह रहे है वो मन पसन्द काम जो समय न मिलने के कारण आप ना कर पाए हो, इससे आपको वेहद खुशी मिलेगी जैसे कोई अधूरी इच्छा पूरी हो गई।अपनी भावनाओं को जाहिर करना अगर डर, उदासी है तो अपने अंदर छुपाएं नहीं बल्कि परिजनों या दोस्तो के साथ शेयर करें जिस बात का बुरा लगता है उसे पहचाने और जाहिर करें लेकिन वो गुस्सा कहीं और पर ना निकालें।
अपने लिए कुछ समय जरुर निकालें आप जो सोच रहे हैं उस पर विचार करें अपने आप से भी सवाल पूछें जितना हो पाॅजिटिव नतीजे पर पहुंचने की कोशिश करें।

सबसे बडी बात बुरे वक्त में भी अच्छे पक्षों पर गौर करना है महामारी से बिल्कुल डरे नहीं डर आपकी इम्ययूनिटी लेवल कम कर देता है। किसी न किसी काम में व्यस्त रहें क्योंकि खाली दिमाग मतलव शैतान का घर।
सोशल मीडिया व नेगेटिव न्यूज के प्रसारण से दूरी बनाए रखें।लोगों से मिलना जुलना कुछ दिन के लिए बंद कर दें आगे सब अच्छा होने वाला है।

रोज एक्सरसाइज करना, योग करना, हैल्दी डाइट के लिए चार्ट बनाना, रोजाना कुछ न कुछ नया करना, कुछ नई चीजें सीखने से फायदा हो सकता है, हम घर पर पेंटिंग कर सकते हैं, गाना या डांस सीख सकते हैं, क्राफ्ट के जरिए कुछ बना सकते हैं इसके लिए गूगल और यू टयूब की मदद भी ली जा सकती है।
इसके अलावा अपने परिवार वालों के साथ वक्त बिता सकते हैं। अपने घर के पैंडिंग कार्यों को निपटा सकते हैं, नई भाषा सीख सकते हैं, धार्मिक काम भी किये जा सकते हंै।

उन्होंने सभी से निवेदन किया कि मास्क सही तरीके से लगाएं, सामाजिक दूरी का पालन करें, हाथों को बार-बार धोएं व सेनेटाइज करते रहें, साफ-सफाई का विषेश ध्यान रखें, पोष्टिक आहार लें।

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